Motivetion story प्रेरणा की कहानी

Motivetion story प्रेरणा की कहानी

एक डाक्टर अपनी कहानी बता रहा था उसकी डाक्टरी मे एक मरीज आाया जिसके मुह में छाले पड़े थे डाक्टर ने देखा कुछ दवाईया लिखी सामने मेडिकल से दवाईया ली और मरीज चला गया।

दो माह बाद वही मरीज फिर आया उसे इस बार बुखार था डाक्टर ने देखा कुछ दवाईया लिखी तभी मरीज बोला डाक्टर साहब पिछली बार आप ने जो दवाईया लिखी उस से मै बिल्कुल ठीक हो गया परन्तु वो दवाईया बहुत महगी थी।

कृपया इस बार थोड़ी सस्ती दवा लिखना डाक्टर बोला मैने तो सस्ती दवा ही लिखी थी मरीज बोला नही साहब पिछली बार १२०० की दवा दिया था मेडिकल वाले ने जिसे लेने के लिये मुझे अपनी बीबी के गहने गिरवी रखने पड़े ये रसीद भी है (दवा का बिल देते हुए)।

डाक्टर बिल देखने के बाद सोचा ये जरूर मेडिकल वाले की गलती है डाक्टर ने मेडिकल वाले को बुलाया उस से पूछा मेडिकल वाले ने कहा डाक्टर आपने जो दवाईया लिखी थी मैने वही दी आप ने ये जो दवा लिखी है वो ५० रूपये की एक गोली है और आपने २१ गोली लिखी है जिसकी कीमत १०५० होती है।

और ये सब दवाईयो की कीमत १५० होती है तो मैने १२०० लिया फिर डाक्टर को समझ आया कि उस दिन एक व्यापारी आया उसी ने मुझे इस दवा के (जो ५० की गोली थी)बारे मे बताया और दवा का मुल्य भी बताया था पर मै मुल्य भूल गया और वही दवा उस मरीज को लिख दिया अगर मै अपनी पहले वाली दवा लिखता तो १०५० की जगह ५० रूपये ही लगता।

महंगी दवा से मरीज ठीक तो हो गया परन्तु वो इस सस्ती दवा से भी ठीक हो जाता १००० रूपये मेरी गलती से उस मरीज के ज्यादा पैसे लगे अतः डाक्टर ने निर्णय लिया कि ये सब बाते मरीज भले ही नही जानता है पर उसका जितना पैसा ज्यादा लगा है वो उसे वापस करेगा।

तुरन्त डॉक्टर ने मरीज को बुलाया १००० वापस दिया मरीज नही ले रहा था पर प्यार से उसकी जेब मे डाल दिया डाक्टर अपने घर गया उसके मन में कही खुशी थी तो कही १००० रूपये जाने का गम फिर उसने ये बाते अपने पिता को बताया उसके पिता काफी खुश हुए और अपनी जेब से ११०० रूपये निकाले और देते हुए कहा बेता आज तुम डाक्टर से पहले एक इन्सान बन गये।

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